
कल है गुड फ्राइडे! क्या आप जानते हैं, ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने वाले इस दिन को 'गुड' क्यों कहते हैं? आइए जानें इसका रहस्य!
ईसाई धर्म के लिए गुड फ्राइडे बेहद पवित्र और शोकभरा दिन माना जाता है। इस दिन लोग विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और उपवास रखते हैं।
साल 2026 में गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को पड़ रहा है। इसी दिन ईसा मसीह को करीब 2 हजार लोगों के सामने सूली पर चढ़ाया गया था।
जिस दिन जीसस को सूली पर चढ़ाया गया, आखिर उसे 'गुड' क्यों कहते हैं? इसके पीछे कई दिलचस्प और गहरे तर्क दिए जाते हैं।
बाइबिल के अनुसार, मृत्यु का दिन जन्म के दिन से अधिक पवित्र होता है। इसलिए जीसस के बलिदान वाले इस पवित्र दिन को 'गुड' कहा जाता है।
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि लैटिन भाषा में 'गुड' का मतलब 'होली' यानी 'पवित्र' होता है। ग्रीक और रोमन में भी इसे पवित्र शुक्रवार कहते हैं।
गुड फ्राइडे को 'होली डे', 'ब्लैक फ्राइडे' और 'ग्रेट फ्राइडे' जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है। हर नाम का अपना महत्व है।
करीब 2000 साल पहले ईसा मसीह अहिंसा, एकता और परोपकार की शिक्षा देते थे। लोग उन्हें ईश्वर का पुत्र मानने लगे, जिससे धर्मगुरु चिढ़ गए।
अंधविश्वासी धर्मगुरुओं ने रोम के शासक पिलातुस से शिकायत की। ईसा मसीह पर राजद्रोह का आरोप लगा और सूली पर चढ़ाने का फरमान जारी हुआ।
उन्हें कांटों का ताज पहनाकर, कोड़े मारकर क्रूस तक ले जाया गया और सूली पर लटका दिया गया। यह दिन उनके बलिदान को याद दिलाता है।