
जानें क्यों इस दिन नहीं बोलते 'हैप्पी गुड फ्राइडे'? क्या है इसकी असली वजह और इतिहास।
यह ईस्टर से पहले मनाया जाने वाला ईसाई धर्म का महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन ईसा मसीह के बलिदान और कष्टों को याद किया जाता है।
यह खुशी का नहीं, बल्कि शोक का दिन है। 'गुड' शब्द ईसा मसीह के मानव कल्याण के लिए किए गए बलिदान को दर्शाता है। इसे 'होली फ्राइडे' भी कहते हैं।
ईसा मसीह के उपदेश और लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी, जिससे कुछ धर्मगुरु उनसे ईर्ष्या करने लगे।
धर्मगुरुओं ने रोमन शासक पिलातुस से शिकायत की। ईसा मसीह पर धर्म का अपमान और राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
पिलातुस ने उन्हें मृत्युदंड दिया। कोड़े मारे गए, कांटों का ताज पहनाया गया और फिर सूली पर लटका दिया गया।
यह शांति, प्रार्थना और आत्मचिंतन का दिन है। लोग चर्च में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं और यीशु के त्याग को याद करते हैं।
इस दिन सादगी से जीवन बिताते हैं और मांसाहारी भोजन से दूरी रखते हैं। दोपहर 12 से 3 बजे तक शांत रहकर प्रार्थना की जाती है।
गुड फ्राइडे के महत्व को समझें और इस पवित्र दिन के बारे में और जानें।