
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी थी। युद्ध का खतरा मंडरा रहा था।
अचानक डोनाल्ड ट्रंप के एक मैसेज ने माहौल बदल दिया। इसने शांति की उम्मीद जगाई और बाजार को चौंकाया।
इस खबर से वैश्विक बाजारों में तुरंत प्रतिक्रिया हुई। निवेशक और ट्रेडर सकते में आ गए।
सबसे पहले कच्चे तेल के दाम धड़ाम से नीचे आ गए। US-ईरान तनाव में कमी से सप्लाई चिंता घटी।
सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने के दाम भी तेजी से गिरे। जोखिम कम होने से इसकी मांग घट गई।
सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हो गई। इसने निवेशकों को राहत दी और खरीदारी का मौका मिला।
कमोडिटी कीमतों में गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली। महंगाई का दबाव कम हुआ।
भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह खबर वरदान साबित हुई। आयात बिल में भारी बचत हुई।
कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारत सरकार को बड़ी बचत हुई। इसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर या कम होने की उम्मीद जगी। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ कम होगा।
तेल की कीमतें घटने से भारतीय रुपया और मजबूत हुआ। यह विदेशी मुद्रा भंडार के लिए भी अच्छा है।
US-ईरान तनाव कम होने और कमोडिटी कीमतों में गिरावट ने भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया।