
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि वह ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान जल्द खत्म करने वाले हैं। यह बात उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कही।
ट्रंप ने जंग खत्म करने के लिए अहम शर्त रखी है। यह मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की सुरक्षा से जुड़ी है।
ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज़ की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को लेनी चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं। यह दुनिया के 20% तेल का मार्ग है।
अमेरिका इन देशों की कोशिशों में मदद करेगा, लेकिन ईरान का खतरा खत्म होने के बाद इसकी जरूरत नहीं होगी। यह उनके लिए आसान सैन्य अभियान होगा।
उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। साथ ही, ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों जैसे इज़रायल, सऊदी अरब और अन्य की उच्चतम स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित की है।
होर्मुज़ की सुरक्षा का जिम्मा सहयोगियों को सौंपने का संदेश उन्हें शायद पसंद न आए। वहीं, अमेरिका ज़मीनी सेना उतारने पर भी विचार कर रहा है।
क्या ट्रंप की ईरान नीति से मध्य पूर्व में शांति आएगी?
ट्रंप के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच विरोधाभास दिख रहा है। ईरान नीति पर वैश्विक निगाहें टिकी हैं।