
ट्रंप ने कहा, अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में जंग खत्म करने पर सकारात्मक बातचीत हुई है।
बातचीत का माहौल देख ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों पर सैन्य हमले 5 दिन के लिए टाल दिए।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बातचीत वाले बयान को सीधे तौर पर नकार दिया है।
ईरान बोला, बातचीत तभी होगी जब युद्ध से जुड़े ईरान के लक्ष्य पूरे हो जाएंगे। कोई सीधा संपर्क नहीं।
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के 'एक शीर्ष व्यक्ति' से अमेरिका की बातचीत हो रही है, लेकिन सर्वोच्च नेता से नहीं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान शांति के बदले अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने को तैयार हो सकता है।
ट्रंप के अनुसार, ईरान ने खुद कॉल किया क्योंकि वे अपने बिजली प्लांटों पर हमला नहीं चाहते थे।
ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाज़ारों में तेज़ी आई। तेल और गैस की कीमतों में बड़ी गिरावट हुई।
ट्रंप ने कहा, 'अगर सब ठीक रहा, तो सुलझा लेंगे। नहीं तो लगातार बम बरसाते रहेंगे।'