
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम (Ceasefire) से साफ इनकार किया।
ट्रंप बोले, "जब दुश्मन खत्म हो रहा हो, तो जंग क्यों रोकें?" ईरान की सैन्य क्षमता खत्म होने तक जारी रहेंगे हमले।
ट्रंप का दावा, पिछले हफ़्तों के हमलों से ईरान बहुत कमज़ोर हुआ है। उसकी नौसेना, वायुसेना व सैन्य उपकरण सब खत्म।
बातचीत के दरवाज़े खुले हैं, पर कूटनीति के लिए बमबारी नहीं रोकी जाएगी। दबाव जारी रखने से ईरान की स्थिति और बिगड़ेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक व्यापार के लिए अहम है। इसे खुला रखने के लिए कई देशों के सहयोग की ज़रूरत होगी।
ट्रंप ने कहा, होर्मुज को खुला रखने में चीन को भी शामिल होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इस संकट के समाधान में अहम।
युद्ध में देर से शामिल होने पर ट्रंप ने ब्रिटेन की आलोचना की, इसे 'बेहद सुस्त प्रतिक्रिया' बताया।
28 फरवरी को शुरू हुई जंग अब एक व्यापक क्षेत्रीय संकट बन चुकी है। मध्य-पूर्व में अस्थिरता बढ़ रही है।
कूटनीतिक समाधान न होने पर संघर्ष लंबा खिंच सकता है। इसके क्षेत्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी गंभीर परिणाम होंगे।