
देशभर में आजादी का 68वां जश्न मनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले पर तिरंगा फहराया।
PM मोदी ने बिना बुलेट प्रूफ बॉक्स के भाषण दिया। उन्होंने बिना लिखा भाषण पढ़कर इतिहास रचा।
मोदी ने खुद को 'प्रधानसेवक' बताया। आजादी के सिपाहियों और देश बनाने वालों को नमन किया।
एक छोटे शहर के गरीब बालक को लालकिले से देश संबोधित करने का सौभाग्य मिला। यह भारत के संविधान की शक्ति है।
PM ने 'मेरा क्या और मुझे क्या' की सोच छोड़ने को कहा। देशहित में सोचने पर बल दिया।
रेप की घटनाओं पर चिंतित PM, माता-पिता से बेटों पर भी सवाल उठाने की अपील।
सांप्रदायिकता और जातिवाद से दूर रहने का संदेश दिया। सम्राट अशोक और बुद्ध के शांति के मार्ग को याद दिलाया।
125 करोड़ देशवासी मिलकर संकल्प लें। देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।
हर नागरिक अपने निजी फायदे से ऊपर उठकर देश के लिए सोचे। यह समय राष्ट्रीय चरित्र को निखारने का है।