
देश मना रहा आजादी की 68वीं सालगिरह! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले पर तिरंगा फहराया।
मोदी ने कहा, मैं PM नहीं, बल्कि प्रधानसेवक के रूप में आपके सामने हूँ। उन्होंने देश की आजादी के शहीदों को नमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना बुलेट प्रूफ बॉक्स के और बिना लिखा भाषण पढ़ा। ऐसा करके उन्होंने इतिहास रच दिया।
मोदी ने कहा, देश राजनेताओं या सरकारों ने नहीं बनाया, बल्कि किसानों, मजदूरों और मां-बहनों ने बनाया है।
एक छोटे शहर के गरीब बालक को लालकिले से तिरंगा फहराने का सौभाग्य मिला। यह भारत के संविधान निर्माताओं का सामर्थ्य है।
पीएम मोदी ने कहा, हमें 'मेरा क्या और मुझे क्या' के दायरे से बाहर आना होगा। हर चीज़ अपने लिए नहीं, देश हित के लिए होती है।
मोदी ने कहा, सरकार बनने के बाद उन्होंने देखा कि एक सरकार के अंदर भी कई सरकारें चल रही थीं। विभागों में बिखराव था।
रेप की घटनाओं पर मोदी ने कहा, मां-बाप बेटियों से सवाल करते हैं, लेकिन बेटों से कभी नहीं पूछते। समाज को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
सांप्रदायिकता और जातिवाद से किसी का भला नहीं। यह देश सद्भावना और शांति का रास्ता अपनाए।
हिंसा के रास्ते पर भटके नौजवानों से कहा, सम्राट अशोक ने भी हिंसा छोड़कर बुद्ध का रास्ता अपनाया था।
संकल्प करें कि अगले 10 साल सांप्रदायिकता और हिंसा से दूर रहेंगे। सद्भावना और शांति का रास्ता अपनाएं।
यह पर्व भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर है। 125 करोड़ देशवासियों को देश हित में सोचना होगा।