
कल्याण सिंह ने अपने 77वें जन्मदिन पर नई पार्टी बनाने की घोषणा की।
5 जनवरी 2010 को 'जन क्रांति' नाम से नई पार्टी का गठन किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अपने बेटे राजबीर सिंह को पार्टी अध्यक्ष बनाया।
कल्याण सिंह ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई पार्टी की जानकारी दी।
1999 में भाजपा छोड़ने के बाद यह कल्याण सिंह की दूसरी नई पार्टी है।
वह भाजपा में लौटे और मुलायम सिंह यादव की सपा से भी हाथ मिलाया।
मुलायम सिंह से खटपट के बाद भाजपा में लौटने की अटकलों को नई पार्टी से विराम मिला।
राजबीर सिंह ने बताया, प्रखर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद जन क्रांति पार्टी की विचारधारा होगी।
गाँव, गरीब, किसान और झुग्गी-झोपड़ी का उत्थान जन क्रांति पार्टी का मुख्य कार्यक्रम होगा।
मुलायम सिंह से नाता तोड़ने पर राजबीर सिंह ने कहा, "लव मैरेज हुई थी, तलाक हो गया।"
भाजपा ने कहा, पार्टी बनाना हर आदमी का अधिकार है, पर अलग हुए नेता सफल नहीं हुए।
कल्याण सिंह के घर 300 समर्थक मौजूद थे, लेकिन कोई बड़ा या जाना-माना नाम नहीं था।