
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध अब तीसरे हफ्ते में है। युद्ध रुकने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी सरकार की बयानबाजी की कड़ी आलोचना की।
अराघची ने अमेरिकी बयानों की तुलना वियतनाम युद्ध की अति-आशावादी ब्रीफिंग से की।
वियतनाम में हार के बावजूद जनरल विलियम वेस्टमोरेलैंड ने जीत का आश्वासन दिया था।
साइगॉन में शाम 5 बजे की ब्रीफिंग को 'फाइव ओ'क्लॉक फॉलीज' कहा जाता था। ये जमीनी हकीकत से दूर थीं।
अराघची ने कहा कि मीडिया भी 'फाइव ओ'क्लॉक फॉलीज' को भूला नहीं है।
आज की स्थिति में वही स्क्रिप्ट है, बस मंच अलग है। संदेश वास्तविकता से परे है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान भी वास्तविकता से दूर हैं। वे जीत का दावा कर रहे हैं।
अमेरिका ईरान की हवाई सुरक्षा ध्वस्त होने का दावा करता है, लेकिन एक F-35 विमान पर हमला होता है।
US नौसेना को खत्म घोषित करता है, फिर USS गेराल्ड फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन दूर लौट जाते हैं।
अलग दशक है, लेकिन नारा अब भी वही है: 'हम जीत रहे हैं'। वास्तविकता कुछ और है।
क्या आपको लगता है कि अमेरिका वियतनाम युद्ध जैसी गलती दोहरा रहा है? हाँ या नहीं।