
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर था। युद्ध की आशंका ने दुनिया को चिंता में डाल दिया था।
अचानक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा सीजफायर का ऐलान कर सबको चौंका दिया।
इस सीजफायर में दोनों देशों को सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा गया। यह तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम था।
दुनिया को लग रहा था कि ईरान भी शांति की तरफ कदम बढ़ाएगा। पर ईरान का रुख कुछ और ही था।
ईरान ने अमेरिका के सीजफायर ऐलान को उसकी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका डर गया है।
सिर्फ अमेरिका ही नहीं, ईरान ने अपने दुश्मन इज़रायल का भी खुलेआम मज़ाक उड़ाया।
ईरान ने कहा कि उसकी ताकत के आगे अमेरिका और इज़रायल झुकने को मजबूर हैं। यह उनकी जीत थी।
क्या ईरान का अमेरिका और इजरायल का मज़ाक उड़ाना सही था?
ट्रंप का सीजफायर और ईरान का मज़ाक, क्या ये शांति की नई शुरुआत है या फिर बड़े तूफान का संकेत?