
जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि। पाएं बजरंगबली का आशीर्वाद।
2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी हनुमान जयंती। यह पर्व चैत्र पूर्णिमा के दिन आता है।
इन्हें भगवान शिव का रुद्रावतार और श्री राम का परम भक्त माना जाता है। वे बल, बुद्धि, विद्या, साहस और भक्ति के प्रतीक हैं।
उनकी पूजा से जीवन के भय, नकारात्मकता और बाधाएं दूर होती हैं। खासतौर पर शनि से जुड़े कष्ट कम होते हैं।
द्रिक पंचांग के अनुसार, पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक है। इस समय पूजा करना फलदायी होता है।
शाम को 6:39 बजे से 8:06 बजे तक दूसरा मुहूर्त है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा।
हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इन शुभ योगों में पूजन का विशेष महत्व है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। साफ वस्त्र पहनकर पूजा स्थान को शुद्ध करें और संकल्प लें।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। लाल फूल, गुड़-चना, बेसन के लड्डू और केले का भोग लगाएं।
हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। 'ऊं हनुमते नमः' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
मंदिर में चोला अर्पित करें और 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। 108 बार राम नाम का जप करें और गुड़-चने का दान करें।
पूजा के अंत में आरती करें और हनुमान जी से सुख-शांति तथा बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें। व्रत और दान का भी महत्व है।