
कल है गुड फ्राइडे। ईसाई धर्म का एक पवित्र और शोक भरा दिन। जानें क्यों मनाते हैं ये दिन!
जीसस को सूली पर चढ़ाए जाने के दिन को 'गुड' कहने के पीछे खास वजहें हैं। आइए जानें इसका अर्थ।
बाइबिल की एक आयत के अनुसार, मृत्यु का दिन जन्म के दिन से ज्यादा पवित्र होता है। इसीलिए इसे गुड फ्राइडे कहते हैं।
लैटिन में 'गुड' का मतलब 'पवित्र' भी होता है। ग्रीक और रोमन में इसे 'पवित्र शुक्रवार' कहते हैं। इसी वजह से इसे गुड फ्राइडे कहा जाता है।
ईसा मसीह लोगों को अहिंसा, एकता और मानवता की शिक्षा देते थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता से धर्मगुरुओं को जलन होने लगी।
धर्मगुरुओं ने रोम के शासक पिलातुस से शिकायत की। ईसा मसीह पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया।
हजारों लोगों के सामने ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने का फरमान जारी हुआ। उन्हें कांटों का ताज पहनाया गया और कीलों से सूली पर लटका दिया गया।
यह दिन ईसा मसीह के बलिदान को याद करने का है। ईसाई समुदाय आज भी इस दिन विशेष प्रार्थनाएं करता है।
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। क्या आप इस दिन के बारे में और जानना चाहेंगे?