
कल है गुड फ्राइडे! जानें इस पवित्र और शोक भरे दिन का महत्व।
ईसाई धर्म का यह एक पवित्र दिन है। इसी दिन प्रभु यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था।
प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाने के दिन को 'गुड' क्यों कहते हैं? आइए जानें इसके पीछे की खास वजहें।
बाइबल के अनुसार, मृत्यु का दिन जन्म के दिन से अधिक पवित्र होता है। इसलिए इसे 'गुड' कहा जाता है।
कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, लैटिन भाषा में 'गुड' का मतलब 'होली' (पवित्र) भी होता है।
गुड फ्राइडे को 'होली डे', 'ब्लैक फ्राइडे' और 'ग्रेट फ्राइडे' जैसे नामों से भी जाना जाता है।
लगभग 2000 साल पहले, यीशु लोगों को अहिंसा और मानवता की शिक्षा देते थे।
उनकी लोकप्रियता से अंधविश्वासी धर्मगुरु ईर्ष्या करने लगे। उन्होंने रोम के शासक से शिकायत की।
यीशु पर राजद्रोह का आरोप लगा और उन्हें कांटों का ताज पहनाकर, कोड़े मारते हुए सूली तक ले जाया गया।
गुड फ्राइडे यीशु के बलिदान और मानव कल्याण के उनके संदेश की याद दिलाता है।