
कल है गुड फ्राइडे! ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण और शोक का दिन।
कहा जाता है इसी दिन जीसस को सूली पर चढ़ाया गया था। लगभग 2000 साल पहले हुई ये घटना।
यह दिन ईसा मसीह के बलिदान को याद करने का है। चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं और उपवास रखे जाते हैं।
आखिर जिस दिन हुआ दुखद बलिदान, उसे 'गुड' (अच्छा) क्यों कहा जाता है?
सभोपदेशक 7:1 के अनुसार, मृत्यु का दिन जन्म के दिन से अधिक पवित्र है।
लैटिन में 'गुड' का मतलब 'पवित्र' भी होता है। इसे 'पवित्र शुक्रवार' भी कहा जाता है।
इसे 'होली डे', 'ब्लैक फ्राइडे', और 'ग्रेट फ्राइडे' जैसे नामों से भी जाना जाता है।
जीसस देते थे अहिंसा, एकता की शिक्षा। उनकी लोकप्रियता से धर्मगुरुओं को जलन हुई।
धर्मगुरुओं ने रोमी शासक पिलातुस से शिकायत की। ईसा मसीह पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया।
हजारों लोगों के सामने सूली पर चढ़ाने का आदेश। ईसा मसीह को क्रूस तक ले जाया गया।
कांटों का ताज पहनाया गया, और कीलों से सूली पर लटका दिया गया।
यह दिन प्रेम, क्षमा और बलिदान का प्रतीक है। जानें पूरी कहानी!