
नई फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में अतीक अहमद के किरदार ने फिर उसकी दहशत याद दिला दी है। पर्दे पर 'आतिफ अहमद' ने खौफ का वो दौर जीवंत कर दिया।
क्या वाकई अतीक के तार सरहद पार पाकिस्तान की ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े थे? न्यूज़18 ने इस राज पर से पर्दा उठाया है।
फिल्म 'धुरंधर' में 'आतिफ अहमद' को ISI और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा दिखाया गया है। नोटबंदी के दौर में हथियारों की खरीद-फरोख्त में उसके कनेक्शनों का इस्तेमाल हुआ।
रिटायर्ड आईजी लालजी शुक्ला ने अतीक अहमद को एक नहीं, बल्कि तीन बार गिरफ्तार किया था। उन्होंने अतीक की दहशत और रसूख को करीब से देखा है।
1989 में अपने गुरु चांद बाबा की हत्या कर अतीक ने निर्दलीय विधायक बनकर राजनीति में एंट्री ली। यहीं से उसके खूनी सफर की शुरुआत हुई थी।
रेलवे स्क्रैप और 10 से ज्यादा अवैध फर्मों के जरिए अतीक ने करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई। उसने काली कमाई का एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया था।
मुलायम सिंह यादव से करीबी ने अतीक का रसूख बढ़ाया, वह सांसद भी बना। उसका नेटवर्क दाऊद इब्राहिम और मुख्तार अंसारी तक फैल गया था।
उमेश पाल की हत्या ने योगी सरकार को खुली चुनौती दी। सीएम योगी ने विधानसभा में 'माफिया को मिट्टी में मिला देंगे' का नारा दिया था।
15 अप्रैल 2023 को अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या हो गई। इस तरह यूपी में तीन दशक से चले आ रहे आतंक का अंत हुआ।
लालजी शुक्ला मानते हैं कि अतीक के अंडरवर्ल्ड लिंक थे, लेकिन ISI से सत्ता पलटने की बात थोड़ी काल्पनिक लगती है। विदेशी हथियार और गैंगस्टरों से रिश्ते हकीकत थे।