
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एशिया के सबसे साफ गांव की झलक है।
ये गांव है मावल्यन्नोंग, जो मेघालय में स्थित है। इसे 'भगवान का अपना बगीचा' भी कहते हैं।
मावल्यन्नोंग अपनी बेजोड़ स्वच्छता के लिए मशहूर है। यहां का हर कोना साफ-सुथरा और हरा-भरा रहता है।
आनंद महिंद्रा ने कहा, "स्वच्छता अभियान नहीं, संस्कृति है!" यह गांव इसका जीता-जागता उदाहरण है।
उनके मुताबिक, स्वच्छता को सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए, जैसे मावल्यन्नोंग ने किया।
यहां हर घर में शौचालय हैं, प्लास्टिक पर प्रतिबंध है, और कचरा अलग-अलग किया जाता है। ग्रामीण खुद सफाई में लगे रहते हैं।
गांव की हरियाली और साफ-सफाई देखकर लगता है कि यहां लोग प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहते हैं।
मावल्यन्नोंग जैसा गांव पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि कैसे छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
अगर हर गांव और शहर मावल्यन्नोंग से सीख ले, तो भारत की स्वच्छता की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
आनंद महिंद्रा का यह संदेश हमें सोचने पर मजबूर करता है: क्या हम भी स्वच्छता को अपनी संस्कृति बना सकते हैं?