मुख्य बिंदु
- गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।
- बीएसई सेंसेक्स 944 अंक उछलकर 75,120.22 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 285 अंक बढ़कर 23,285 पर पहुंच गया।
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वेस्ट एशिया में युद्ध की आशंका कम होने से वैश्विक बाजारों को राहत मिली।
- ऑटो, बैंकिंग, आईटी, मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स में जोरदार खरीदारी हुई, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और रिलायंस ने बढ़त को संभाला।
गुरुवार को भारी गिरावट झेलने के बाद, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी के साथ शुक्रवार का कारोबारी सत्र समाप्त हुआ। सप्ताहांत के अंतिम दिन निवेशकों में उत्साह देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में शानदार उछाल दर्ज किया गया। इस तेजी ने गुरुवार की निराशा को काफी हद तक दूर कर दिया और बाजार में एक मजबूत रिकवरी का संकेत दिया।
गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में उछाल
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, बीएसई के टॉप 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 944.20 अंक या 1.27 फीसदी की तेजी के साथ 75,120.22 पर बंद हुआ। यह गुरुवार को सेंसेक्स की 74,200 अंक तक की भारी गिरावट के बाद एक महत्वपूर्ण वापसी है। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 285 अंक या 1.30 फीसदी चढ़कर 23,285 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी बैंक में भी 600 अंकों की जबरदस्त उछाल देखी गई, जिससे यह 54,000 के ऊपर बना हुआ है।

किन सेक्टर्स में दिखी जोरदार खरीदारी?
बाजार में हुई इस जोरदार रिकवरी में ऑटो, बैंकिंग, आईटी, मेटल, रियल एस्टेट, फार्मा, केमिकल और एनर्जी सेक्टर्स के शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। यह दर्शाता है कि बाजार की तेजी काफी व्यापक थी और विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों का भरोसा लौट रहा था। पूरा मार्केट अभी पॉजिटिव जोन में है, निफ्टी मिडकैप 100 में 1.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.89 प्रतिशत की तेजी आई है। बीएसई के टॉप 30 में एचडीएफसी और बजाज फाइनेंस को छोड़कर लगभग सभी शेयरों में रैली देखी गई।
सबसे ज्यादा तेजी टाटा स्टील में 4 फीसदी, टेक महिंद्रा में 3 फीसदी और रिलायंस के शेयरों में 3 फीसदी की उछाल आई है। इन्हीं शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा मजबूती प्रदान की।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: बाजार की तेजी का मुख्य कारण
शेयर बाजार में इतनी तेजी आने की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है। वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के बीच तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत मिली है। पिछले सत्र में, एनर्जी प्लांट्स पर हमलों के कारण कच्चा तेल 119.13 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर 107 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बयान ने भी बाजार को सकारात्मक संकेत दिए, जिसमें उन्होंने कहा कि इजरायल जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के अमेरिकी प्रयासों का समर्थन कर रहा है और ईरानी तेल व गैस ठिकानों पर दोबारा हमला नहीं करेगा। इससे युद्ध उम्मीद से पहले समाप्त होने की संभावना बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना था कि 23,000 के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर से निफ्टी में उछाल की उम्मीद थी, और यह उम्मीद शुक्रवार को पूरी होती दिखी। अमेरिकी शेयर गुरुवार को निचले स्तर पर बंद हुए थे, लेकिन इजरायली पीएम के बयान के बाद उनमें भी रिकवरी देखी गई। एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को तेजी का माहौल रहा, जिसने भारतीय बाजार को और मजबूती दी। अधिक जानकारी के लिए, आप कच्चे तेल पर विकिपीडिया देख सकते हैं।
क्या यह भारतीय शेयर बाजार में बड़े उछाल की शुरुआत है?
गुरुवार की भारी बिकवाली के बाद शुक्रवार को हुई यह मजबूत रिकवरी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। यह एक महत्वपूर्ण ‘वैल्यू बाइंग’ का भी संकेत हो सकता है, जहां गिरावट के बाद निवेशक कम कीमत पर अच्छी कंपनियों के शेयर खरीदते हैं।
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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी क्यों आई?
A1: शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में कमी और गुरुवार की भारी गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’ के कारण आई। वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले।
Q2: सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी दर्ज की गई?
A2: बीएसई सेंसेक्स 944.20 अंक या 1.27 फीसदी बढ़कर 75,120.22 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 285 अंक या 1.30 फीसदी चढ़कर 23,285 पर कारोबार कर रहा था।
Q3: किन सेक्टर्स ने बाजार की तेजी में सबसे ज्यादा योगदान दिया?
A3: ऑटो, बैंकिंग, आईटी, मेटल, रियल एस्टेट, फार्मा, केमिकल और एनर्जी सेक्टर्स के शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई, जिससे बाजार की तेजी को मजबूती मिली। टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और रिलायंस जैसे शेयरों में बड़ी उछाल देखी गई।
Q4: कच्चे तेल की कीमतों का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
A4: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से वैश्विक और भारतीय बाजारों को बड़ी राहत मिली, क्योंकि इससे कंपनियों की इनपुट लागत कम होने और महंगाई पर लगाम लगने की उम्मीद बढ़ जाती है।
Q5: निवेशकों को आगे क्या उम्मीद करनी चाहिए?
A5: विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण स्तरों पर हुई रिकवरी निवेशकों के विश्वास को बढ़ा सकती है। हालांकि, भू-राजनीतिक घटनाओं और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।