उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में, छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में, ‘सेवा पखवाड़ा-2025’ के अंतर्गत कुशीनगर दहेज विरोधी अभियान के तहत ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल ने छात्राओं को न केवल दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की।
मुख्य बिंदु
- कुशीनगर में छात्राओं को दहेज प्रथा के विरुद्ध गहराई से जागरूक किया गया।
- ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ विषय पर आधारित यह कार्यक्रम ‘सेवा पखवाड़ा-2025’ का हिस्सा था।
- महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
- जिला प्रोबेशन अधिकारी और अन्य प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
कुशीनगर में दहेज विरोधी अभियान: एक सशक्त पहल
कुशीनगर के नवल्स एकेडमी, कसया में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सामाजिक कुरीतियों से दूर रखना और उन्हें सशक्त बनाना था। जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) ध्रुवचन्द्र त्रिपाठी ने इस कार्यक्रम का संचालन किया, जहाँ उन्होंने दहेज प्रथा के विरुद्ध आवाज उठाने और एक मजबूत समाज के निर्माण पर जोर दिया। यह कुशीनगर दहेज विरोधी अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

छात्राओं को दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करना
कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को विस्तार से बताया गया कि दहेज प्रथा कैसे एक गंभीर अपराध है और इसके क्या दूरगामी नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। उन्हें समझाया गया कि कैसे वे इस बुराई का विरोध कर सकती हैं और एक सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं। भारत में दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसके बारे में अधिक जानकारी आप विकिपीडिया पर पा सकते हैं।
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महिला कल्याण की योजनाएं और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान, छात्राओं को महिला कल्याण विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी और हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के कर्मियों ने महत्वपूर्ण योजनाओं पर प्रकाश डाला।
प्रमुख सरकारी योजनाएं
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: यह योजना बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: इस योजना के तहत उन बच्चों को सहायता दी जाती है जिन्होंने कोविड-19 या अन्य कारणों से अपने माता-पिता को खो दिया है।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
छात्राओं को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों में मदद पाने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों से भी अवगत कराया गया। इन नंबरों की जानकारी से वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।
- चाइल्ड हेल्प लाइन (1098)
- वन स्टॉप सेंटर (181)
- वुमेन हेल्पलाइन (1090)
- अन्य आपातकालीन सेवाएं (112, 108, 102)
कार्यक्रम में जानकारीपरक पैम्फलेट भी बांटे गए, ताकि छात्राएं इन जानकारियों को आसानी से याद रख सकें और दूसरों तक पहुंचा सकें। समाज में जागरूकता फैलाने में मीडिया की भूमिका भी अहम है, जो इन महत्वपूर्ण संदेशों को जन-जन तक पहुंचाता है।
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कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियां
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें उपनिरीक्षक प्रियंका तिवारी, डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह, और सेंटर मैनेजर श्रीमती रिता यादव शामिल थीं। जेंडर स्पेशलिस्ट प्रीती सिंह और बंदना कुशवाहा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी इस जागरूकता अभियान का हिस्सा बने। इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाया।
निष्कर्ष
कुशीनगर में आयोजित यह दहेज विरोधी अभियान और ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं के लिए एक प्रेरणादायक पहल रही है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्राओं को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि हमारी बेटियाँ समाज में एक सम्मानित और सशक्त स्थान प्राप्त करें, जिससे एक मजबूत और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सके।