2026 तक भारत की वैश्विक प्रतिभा: मोदी नेतृत्व में उभरती महाशक्ति के 7 स्तंभ!

टीवी9 नेटवर्क के प्रतिष्ठित महामंच व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे (WITT) समिट में माय होम ग्रुप के एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन रामू राव जुपल्ली ने भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान और क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जो दुनिया के सामने आशा और संकल्प की नई मिसाल पेश कर रहा है। इस दौरान, माय होम ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. रामेश्वर राव जुपल्ली ने पीएम मोदी और रामू राव जुपल्ली को सम्मानित किया।

मुख्य बिंदु

  • भारत की वैश्विक प्रतिभा को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री मोदी का निर्णायक नेतृत्व।
  • भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर, लगातार 7% की वृद्धि दर।
  • ‘डिजिटल फर्स्ट’ मॉडल और युवा शक्ति भारत को वैश्विक टैलेंट का केंद्र बना रही है।
  • भारतीयों की प्रतिभा 7 प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिसमें STEM दक्षता और भावनात्मक बुद्धिमत्ता शामिल हैं।

श्री रामू राव जुपल्ली ने जोर देकर कहा कि जहां एक ओर दुनिया कई तरह के संकटों और आर्थिक उथल-पुथल से जूझ रही है, वहीं भारत अपने अनूठे कार्यशैली और दृढ़ संकल्प के साथ उभर रहा है। यह पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि भारत को आज विभिन्न क्षेत्रों और शासन व्यवस्थाओं में सकारात्मक नजरिए से देखा जा रहा है।

भारत की वैश्विक प्रतिभा

भारत: इतिहास के एक दिलचस्प मोड़ पर – वैश्विक संकट के बीच आशा की किरण

जैसा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अक्सर कहते हैं, दुनिया भारत के युवाओं को आशा और विश्वास की नजर से देख रही है। इसकी वजह भारत में मौजूद लोकतंत्र, जनसंख्या (डेमोग्राफी) और विविधता की अद्वितीय शक्ति है। यह तिकड़ी भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्थिति प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री के प्रभावी नेतृत्व ने भारत की छवि को विश्व पटल पर मजबूत किया है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी स्वीकार कर रहा है, जो भारत के बढ़ते कद का प्रमाण है।

इतिहास रचती भारत की अर्थव्यवस्था: तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनने की ओर

रामू राव जुपल्ली ने अपने संबोधन में बताया कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह लगातार 7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर वाली एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है, जो इसकी आर्थिक मजबूती का प्रतीक है। मजबूत आर्थिक आधार और योग्यता-आधारित नीतियों के कारण भारत वास्तव में दुनिया के श्रम बाजार को नया रूप दे रहा है।

भारत का ‘डिजिटल फर्स्ट’ मॉडल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सीमाओं से परे प्रतिभाओं की तलाश कर रहा है। यह माननीय प्रधानमंत्री के ‘युवा’ और ‘डिजिटल विकास’ नाम के दो स्तंभों के कारण ही संभव हो पाया है। उन्होंने देश में कारोबार करना आसान बनाया और जीवन स्तर में भी सुधार किया।

भारत: वैश्विक टैलेंट का केंद्र – 7 प्रमुख स्तंभ

वर्तमान में, दुनिया कुशल श्रमिकों की कमी से जूझ रही है। जर्मनी के पुराने उद्योगों से लेकर कनाडा के तकनीकी केंद्रों और GCC क्षेत्र की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं तक, गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा की जबरदस्त मांग है। भारत की वैश्विक प्रतिभा ही एकमात्र ऐसी शक्ति है जो इस मांग को बड़े पैमाने पर और विनम्रता के साथ पूरा करने में सक्षम है।

रामू राव जुपल्ली का मानना है कि भारत के लोगों की प्रतिभा की खासियत सात बड़े स्तंभों पर टिकी है। इन सभी स्तंभों की नींव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हाल के वर्षों में शुरू किए गए नीतिगत ढांचे से पड़ी है:

1. भारतीय जनसंख्या का फायदा

जहां बाकी दुनिया बूढ़ी हो रही है, वहीं भारत एक युवा देश बना हुआ है। हम दुनिया की प्रतिभाओं का सबसे बड़ा केंद्र हैं, जो हमें एक अद्वितीय लाभ प्रदान करता है।

2. भाषा पर पकड़

अंग्रेजी भाषा पर भारतीयों की मजबूत पकड़ हमारे कर्मचारियों को किसी भी ग्लोबल कॉर्पोरेट कल्चर में आसानी से घुलमिल जाने में सक्षम बनाती है। यह एक महत्वपूर्ण संचार सेतु का काम करती है।

3. STEM सेक्टर में दक्षता

भारत हर साल STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) ग्रेजुएट्स की सबसे अधिक संख्या तैयार करता है। ये प्रतिभाशाली युवा सिलिकॉन वैली से लेकर बेंगलुरु तक, दुनिया भर में इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।

4. डिजिटल फर्स्ट और डाटा फ्रीडम

भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर दुनियाभर में एक मिसाल है। यह डेटा जनरेशन को आगे बढ़ा रहा है और भारत का डिजिटल पब्लिक गुड्स इकोसिस्टम अब वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय बन गया है।

5. भारतीयों में ग्लोबल सिटीजन बनने की ताकत

आज भारत के प्रोफेशनल्स दुनिया को अपने कैनवास के रूप में देखते हैं और एक ग्लोबल सिटीजन बनने की ताकत रखते हैं। वे सीमाओं से परे जाकर अवसरों का लाभ उठा रहे हैं।

6. टेक्नोलॉजी माइंडसेट

भारत के शिक्षित और उत्साही युवाओं की सोच तकनीक को प्राथमिकता देने वाली है। विभिन्न आयु वर्ग के भारतीयों का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है कि भारत ने किस कदर तकनीक को अपनाया है।

7. भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ)

भारत भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल कोशेंट) के लिए भी जाना जाता है। यह भारतीय प्रतिभाओं को संघर्ष और बुरे दौर से प्रभावी ढंग से निपटने की ताकत देता है, जो उन्हें किसी भी चुनौती में सफल बनाता है।

यह सिर्फ रामू राव जुपल्ली ही नहीं कह रहे हैं, बल्कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली हस्तियां भी भारतीयों पर भरोसा जता रही हैं। नई दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के ऐतिहासिक समापन के दौरान दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं ने भी इसी बात को दोहराया था।

दूसरी पीढ़ी के उद्यमी के रूप में, श्री जुपल्ली इस बदलाव को हर दिन देखते हैं। उनके जैसे एक अरब से अधिक भारतीय, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय देख रहे हैं। वैश्विक मंच पर भारत को जगह दिलाने के पीएम मोदी के प्रयासों की दुनिया ने सराहना की है। भारत का सबसे महत्वपूर्ण निर्यात उसकी बुद्धि, कल्पनाशीलता, ईमानदारी और प्रभाव होगा।

उन्होंने सभी से मिलकर भारत को वैश्विक प्रतिभा राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने का आह्वान किया। आइए इस पल का हम सब लाभ उठाएं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा था – “यही समय है.. सही समय है.. भारत का अनमोल समय है!”

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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट में रामू राव जुपल्ली ने क्या मुख्य बात कही?

रामू राव जुपल्ली ने कहा कि भारत, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, वैश्विक संकटों के बीच आशा की किरण बन रहा है और ‘डिजिटल फर्स्ट’ मॉडल व युवा शक्ति के दम पर वैश्विक प्रतिभा का केंद्र बन रहा है।

Q2: भारत किस आर्थिक लक्ष्य की ओर अग्रसर है?

भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और लगातार 7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए हुए है।

Q3: भारतीय प्रतिभा के सात प्रमुख स्तंभ क्या हैं?

भारतीय प्रतिभा के सात स्तंभ हैं: भारतीय जनसंख्या का फायदा, भाषा पर पकड़, STEM सेक्टर में दक्षता, डिजिटल फर्स्ट और डाटा फ्रीडम, ग्लोबल सिटीजन बनने की ताकत, टेक्नोलॉजी माइंडसेट और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ)।

Q4: ‘डिजिटल फर्स्ट’ मॉडल भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

‘डिजिटल फर्स्ट’ मॉडल भारत को विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सीमाओं से परे प्रतिभाओं की तलाश करने में मदद करता है और वैश्विक स्तर पर भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक मिसाल बनाता है।

Q5: प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व भारत की वैश्विक स्थिति को कैसे प्रभावित कर रहा है?

प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण भारत को विभिन्न क्षेत्रों और शासन व्यवस्थाओं में सकारात्मक नजरिए से देखा जाता है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा है।

Q6: व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट का आयोजन किसने किया?

व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट का आयोजन टीवी9 नेटवर्क ने किया।

Q7: डॉ. रामेश्वर राव जुपल्ली का इस कार्यक्रम में क्या योगदान रहा?

माय होम ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. रामेश्वर राव जुपल्ली ने व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट में पीएम मोदी और रामू राव जुपल्ली को सम्मानित किया।

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