कल, यानी शुक्रवार को गुड फ्राइडे (Good Friday) है। ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए यह एक अत्यंत पवित्र और शोक का दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन, आज से लगभग 2000 साल पहले, ईसा मसीह (Jesus Christ) को हजारों लोगों के सामने सूली पर चढ़ाया गया था। इस दुखद घटना की याद में, दुनिया भर के ईसाई चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं करते हैं, कई लोग उपवास रखते हैं या मौन धारण करते हैं।
हर किसी का अपने दुख और सम्मान को व्यक्त करने का अपना तरीका होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया, उस दिन को ‘गुड’ (Good) यानी ‘अच्छा’ या ‘पवित्र’ क्यों कहा जाता है? आइए, आज इस रहस्य से पर्दा उठाते हैं।

गुड फ्राइडे: ‘गुड’ शब्द का अर्थ और महत्व
ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने वाले दिन को ‘गुड फ्राइडे’ कहने के पीछे कई मान्यताएं और तर्क हैं:
बाइबल की सीख: पवित्रता का दिन
एक प्रमुख तर्क ईसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबल में मिलता है। बाइबल की किताब सभोपदेशक 7:1 (Ecclesiastes 7:1) के अनुसार, “मृत्यु का दिन जन्म के दिन से अधिक उत्तम होता है।” इस आधार पर, ईसा मसीह के बलिदान के दिन को उनके जन्म के दिन से भी अधिक पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसे ‘गुड फ्राइडे’ कहा जाता है।
‘गुड’ का अर्थ ‘पवित्र’
कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि लैटिन भाषा में ‘गुड’ शब्द का एक अर्थ ‘होली’ (Holy) यानी ‘पवित्र’ भी होता है। ग्रीक साहित्य और रोमन संस्कृति में भी इस दिन को ‘पवित्र शुक्रवार’ (Holy Friday) के नाम से जाना जाता है। ईसा मसीह को शुक्रवार के दिन सूली पर चढ़ाया गया था, इसी कारण से यह दिन ‘गुड फ्राइडे’ कहलाता है। वैसे, इस दिन को ‘होली डे’, ‘ब्लैक फ्राइडे’ और ‘ग्रेट फ्राइडे’ जैसे नामों से भी पुकारा जाता है।
ईसा मसीह को सूली पर क्यों चढ़ाया गया?
लगभग 2000 साल पहले, ईसा मसीह यरुशलम के गैलिली प्रांत में अहिंसा, एकता, मानवता और परोपकार का संदेश फैला रहे थे। उनके उपदेशों और शिक्षाओं से प्रभावित होकर, लोग उन्हें ईश्वर या ईश्वर का पुत्र मानने लगे थे।
इससे उस समय के अंधविश्वास फैलाने वाले धर्मगुरुओं के लिए समस्या खड़ी हो गई। वे ईसा मसीह की बढ़ती लोकप्रियता से ईर्ष्या करने लगे। उन्होंने मिलकर रोम के शासक पिलातुस से ईसा मसीह की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईसा मसीह खुद को ईश्वर का पुत्र बताते हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
इस आरोप के कारण, ईसा मसीह पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया और उन्हें हजारों लोगों के सामने सूली पर चढ़ाने का आदेश दिया गया। कहा जाता है कि ईसा मसीह को कांटों का ताज पहनाया गया, कोड़े मारे गए और फिर सूली पर लटका दिया गया।
यह दिन ईसा मसीह के बलिदान, प्रेम और क्षमा के संदेश का प्रतीक है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है?
- ईसा मसीह को सूली पर कब चढ़ाया गया था?
- ‘गुड फ्राइडे’ नाम क्यों पड़ा?
- गुड फ्राइडे पर ईसाई समुदाय के लोग क्या करते हैं?
- क्या गुड फ्राइडे पर ईसा मसीह के उपदेशों का कोई महत्व है?
- ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने का मुख्य कारण क्या था?
- गुड फ्राइडे को किन अन्य नामों से भी जाना जाता है?