केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश भर के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (AB-HWCs) का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर‘ कर दिया है। यह पहल आयुष्मान इंडिया के विजन को आगे बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवा वितरण को बीमारी से कल्याण की ओर ले जाने के लिए एक बड़ा बदलाव है। नए नाम के साथ ‘आरोग्यं परमं धनम्‘ का प्रेरणादायक नारा भी जोड़ा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2023 के अंत तक इस रीब्रांडिंग प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया है।
यह बदलाव भारत की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।

मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ किया।
- नया नारा ‘आरोग्यं परमं धनम्‘ है, जो बीमारी से कल्याण की ओर बदलाव पर जोर देता है।
- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2023 के अंत तक यह रीब्रांडिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का लोगो नए केंद्रों पर भी बरकरार रहेगा।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर: स्वास्थ्य सेवा का नया अध्याय
स्वास्थ्य मंत्रालय के पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि कल्याण केंद्रों ने स्वास्थ्य सेवा के फोकस को बीमारी से कल्याण की ओर सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया है। ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के रूप में यह नया नामकरण, आयुष्मान इंडिया के व्यापक लक्ष्यों को साकार करने और देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसका लक्ष्य लोगों को केवल बीमारियों से ठीक करना नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
बीमारी से कल्याण की ओर: एक महत्वपूर्ण कदम
यह रीब्रांडिंग सिर्फ नाम बदलने से कहीं अधिक है। यह स्वास्थ्य सेवा के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और समग्र कल्याण पर जोर दिया जाता है। ‘आरोग्यं परमं धनम्’ का नारा इस दर्शन को बखूबी बयां करता है, जिसका अर्थ है ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है’। यह लोगों को अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन लोगो की निरंतरता
हालांकि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र अब ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के नाम से जाने जाएंगे, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का लोगो नए ब्रांडेड केंद्रों में बरकरार रखा जाएगा। यह निर्णय निरंतरता सुनिश्चित करता है और नई पहचान को व्यापक स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों के साथ संरेखित करता है, जिससे लोगों में विश्वास और परिचितता बनी रहेगी।
क्षेत्रीय ब्रांडिंग और भाषाई विविधता
मंत्रालय के दिशानिर्देशों में क्षेत्रीय ब्रांडिंग के लिए भी प्रावधान हैं। यदि देवनागरी (हिंदी) या अंग्रेजी के अलावा अन्य लिपियों का उपयोग किया जाता है, तो पूर्ण शीर्षक का राज्य की भाषा(ओं) में अनुवाद किया जा सकता है, जबकि टैगलाइन का लिप्यंतरण (transliteration) करना होगा। यह भाषाई विविधता को सुनिश्चित करता है और साथ ही एक एकीकृत पहचान भी बनाए रखता है।
लागूकरण और फंडिंग: एक विस्तृत योजना
रीब्रांडिंग प्रक्रिया 2023 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है, और राज्यों को rebranded प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं की तस्वीरें AB-HWC पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इस नामकरण पहल के लिए अनुमानित धनराशि ₹3,000 प्रति सुविधा प्रस्तावित की गई है। यह फंडिंग सुनिश्चित करेगी कि सभी केंद्र सुचारु रूप से नई पहचान को अपना सकें।
भारत में वर्तमान में 1.6 लाख से अधिक AB-HWCs हैं, जो व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन सेवाओं में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, साथ ही निःशुल्क दवाएं और नैदानिक सेवाएं शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के घरों के करीब लाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, AB-HWCs विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के लिए स्क्रीनिंग भी प्रदान करते हैं, जिनमें हाइपरटेंशन, मधुमेह और कैंसर की जांच शामिल है। यह विस्तृत नेटवर्क सुनिश्चित करता है कि देश के दूरदराज के इलाकों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंच सके। आप केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बारे में अधिक जानकारी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर पा सकते हैं।
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FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नया नाम क्या है?
A1: आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का नया नाम ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ है।
Q2: ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ का नया नारा क्या है?
A2: ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ का नया नारा ‘आरोग्यं परमं धनम्’ है, जिसका अर्थ है ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है’ ।
Q3: रीब्रांडिंग प्रक्रिया कब तक पूरी होनी है?
A3: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2023 के अंत तक रीब्रांडिंग प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
Q4: क्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का लोगो बदला जाएगा?
A4: नहीं, ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ नाम होने के बावजूद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का लोगो नए केंद्रों में भी बरकरार रहेगा।