मुख्य बिंदु:
- रामू राव जुपल्ली ने “व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट” में भारत को इतिहास के महत्वपूर्ण मोड़ पर बताया।
- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
- भारत का “डिजिटल फर्स्ट” मॉडल और युवा शक्ति वैश्विक स्तर पर असाधारण है।
- देश वैश्विक प्रतिभा का केंद्र बन रहा है, जिसे 7 प्रमुख स्तंभों से बल मिलता है।
व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट: भारत के बढ़ते कदम
टीवी9 नेटवर्क के प्रतिष्ठित “व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट” (WITT) के पहले दिन, माय होम ग्रुप के एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन, रामू राव जुपल्ली ने एक दूरदर्शी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज हम इतिहास के एक दिलचस्प मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ दुनिया विभिन्न संकटों से जूझ रही है, लेकिन भारत अपने अनूठे कार्यप्रणाली और दृढ़ संकल्प के साथ एक मिसाल बनकर उभरा है। उनका यह बयान भारत की वर्तमान स्थिति और भविष्य की क्षमता पर प्रकाश डालता है।

हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अक्सर कहते हैं कि दुनिया भारत के युवाओं को आशा और विश्वास की दृष्टि से देखती है, क्योंकि भारत के पास लोकतंत्र, जनसंख्या और विविधता की असाधारण शक्ति है। यह वास्तव में प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का ही परिणाम है कि भारत को आज वैश्विक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों और शासन व्यवस्थाओं में सकारात्मक नजरिए से देखा जाता है।
भारत की अर्थव्यवस्था: एक नई पहचान
जुपल्ली ने आगे कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह लगातार 7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखने वाली एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था है। मजबूत आर्थिक आधार और योग्यता-आधारित नीतियों के कारण भारत वैश्विक श्रम बाजार को नया आकार दे रहा है।
“डिजिटल फर्स्ट” मॉडल और युवा शक्ति
भारत का “डिजिटल फर्स्ट” मॉडल बेहद खास है, क्योंकि यह विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सीमाओं से परे प्रतिभाओं की तलाश कर रहा है। यह सफलता माननीय प्रधानमंत्री की ‘युवा’ और ‘डिजिटल विकास’ नामक दो मजबूत स्तंभों के कारण संभव हो पाई है। उन्होंने देश में कारोबार करने को आसान बनाया और आम नागरिकों के रहन-सहन के तरीके में भी उल्लेखनीय सुधार किया।
भारत: दुनिया का टैलेंट सेंटर
वर्तमान में, दुनिया स्किल्ड लेबर की गंभीर कमी से जूझ रही है। जर्मनी के पुराने उद्योगों से लेकर कनाडा के तकनीकी केंद्रों और GCC क्षेत्र की विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं तक, हर जगह गुणवत्तापूर्ण प्रतिभा की भारी मांग है। भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो इस मांग को बड़े पैमाने पर पूरा करने में सक्षम है, वह भी विनम्रता और समर्पण के साथ। यह भारत की वैश्विक प्रतिभा का प्रमाण है।
भारतीय प्रतिभा के सात स्तंभ
रामू राव जुपल्ली का मानना है कि भारत के लोगों की प्रतिभा की खासियत सात बड़े स्तंभों पर टिकी है। इन सभी स्तंभों की नींव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हाल के वर्षों में शुरू किए गए नीतिगत ढांचे से मजबूत हुई है:
- 1. भारतीय जनसंख्या का फायदा: जहाँ बाकी दुनिया बूढ़ी हो रही है, वहीं भारत एक युवा देश बना हुआ है। हम दुनिया की प्रतिभाओं का केंद्र हैं।
- 2. भाषा पर पकड़: हमारी अंग्रेजी भाषा की क्षमता हमारे कर्मचारियों को किसी भी ग्लोबल कॉर्पोरेट कल्चर में आसानी से घुलमिल जाने में सक्षम बनाती है।
- 3. STEM सेक्टर में दक्षता: हम हर साल STEM ग्रेजुएट्स की सबसे अधिक संख्या तैयार करते हैं, जो सिलिकॉन वैली से लेकर बेंगलुरु तक इनोवेशन को बढ़ावा देती है।
- 4. डिजिटल फर्स्ट और डेटा फ्रीडम: दुनियाभर में हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक मिसाल है। यह डेटा जनरेशन को आगे बढ़ा रहा है। भारत का डिजिटल पब्लिक गुड्स इकोसिस्टम अब दुनिया भर में एक मिसाल बन गया है।
- 5. भारतीयों में ग्लोबल सिटीजन बनने की ताकत: आज भारत के प्रोफेशनल्स दुनिया को अपने कैनवास के रूप में देखते हैं और एक ग्लोबल सिटीजन बनने की अद्भुत ताकत रखते हैं।
- 6. टेक्नोलॉजी माइंडसेट: भारत के शिक्षित और उत्साही युवाओं की सोच तकनीक को प्राथमिकता देने वाली है। विभिन्न उम्र के भारतीयों का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना इस बात का प्रमाण है कि भारत ने किस कदर तकनीक को अपनाया है।
- 7. भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ): भारत भावनात्मक बुद्धिमत्ता यानी इमोशनल कोशेंट के लिए भी जाना जाता है। यह भारतीय प्रतिभाओं को संघर्ष और बुरे दौर से निपटने की आंतरिक शक्ति देता है।
यह केवल हम ही नहीं कह रहे हैं; दुनिया की सबसे प्रभावशाली हस्तियां भारतीयों पर गहरा भरोसा जता रही हैं। नई दिल्ली में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के ऐतिहासिक समापन के दौरान दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं ने इसी बात को दोहराया था।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद
दूसरी पीढ़ी के उद्यमी के रूप में, रामू राव जुपल्ली इस बदलाव को हर दिन महसूस करते हैं। उनके जैसे एक अरब से अधिक भारतीय, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय देख रहे हैं। वैश्विक मंच पर भारत को एक विशिष्ट स्थान दिलाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों की पूरी दुनिया ने सराहना की है। भारत का सबसे महत्वपूर्ण निर्यात उसकी बुद्धि, कल्पनाशीलता, ईमानदारी और प्रभाव होगा।
आइए, भारत को वैश्विक प्रतिभा राजधानी बनाएं
आइए, हम सभी मिलकर भारत को वैश्विक प्रतिभा राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हों। यह पल हम सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कहा था – “यही समय है.. सही समय है.. भारत का अनमोल समय है।” यह आह्वान हम सभी को भारत के उज्जवल भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और वैश्विक टैलेंट हब के रूप में उभार, निवेशकों का भी विश्वास बढ़ा रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का असर विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है, जहाँ कंपनियां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और निवेशकों को बंपर रिटर्न दे रही हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: रामू राव जुपल्ली ने “व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट” में क्या मुख्य बातें कहीं?
A1: उन्होंने कहा कि भारत इतिहास के एक दिलचस्प मोड़ पर है और पीएम मोदी के नेतृत्व में वैश्विक संकटों के बावजूद एक आर्थिक मिसाल बन रहा है। उन्होंने भारत को वैश्विक प्रतिभा का केंद्र बताया।
Q2: भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में कौन से कारक मदद कर रहे हैं?
A2: भारत की लगातार 7% वार्षिक वृद्धि दर, मजबूत आर्थिक आधार, योग्यता-आधारित नीतियां, “डिजिटल फर्स्ट” मॉडल और युवा जनसंख्या देश को इस लक्ष्य की ओर ले जा रही हैं।
Q3: भारतीय प्रतिभा के सात मुख्य स्तंभ कौन से हैं?
A3: ये हैं भारतीय जनसंख्या का लाभ, अंग्रेजी भाषा पर पकड़, STEM सेक्टर में दक्षता, डिजिटल फर्स्ट मॉडल, ग्लोबल सिटीजन बनने की ताकत, टेक्नोलॉजी माइंडसेट और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (EQ)।
Q4: पीएम मोदी के किस कथन को जुपल्ली ने अपने भाषण में दोहराया?
A4: जुपल्ली ने पीएम मोदी के इस कथन को दोहराया: “यही समय है.. सही समय है.. भारत का अनमोल समय है”, जो भारत को वैश्विक प्रतिभा राजधानी बनाने के लिए एक प्रेरणा है।