पंजाब की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आ गया है! पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने निर्णायक कार्रवाई की है. इस गंभीर मामले में पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.
सीएम मान ने इस संवेदनशील मामले में पहले तो कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया था, और अब कानूनी शिकंजा कसते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

मुख्य बिंदु
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने DM गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामले में लिया कड़ा एक्शन.
- पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लेने के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज.
- FIR में भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा भी आरोपी.
- गगनदीप सिंह रंधावा पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के लिए लगातार दबाव और धमकियां देने का आरोप.
- आरोपियों द्वारा DM गगनदीप को मारपीट करने, पिस्तौल से धमकाने और जबरन झूठा वीडियो बनाने का भी खुलासा.
गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामला: मुख्यमंत्री मान का बड़ा एक्शन
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ FIR दर्ज होने से पंजाब की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है. यह मामला एक ऐसे अधिकारी से जुड़ा है जिसने दबाव और धमकियों से तंग आकर कथित तौर पर अपनी जान ले ली. गगनदीप सिंह रंधावा पंजाब राज्य गोदाम निगम में जिला मैनेजर के पद पर नियुक्त थे और उनके पास अमृतसर और तरनतारन जिलों का महत्वपूर्ण चार्ज था.
उनकी पत्नी उपिंदर कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी साल 2007 में गगनदीप सिंह रंधावा से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं. उनके पति पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपना काम कर रहे थे.
टेंडर पर दबाव और धमकियां
शिकायत के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर 2025 में पंजाब राज्य गोदाम निगम द्वारा कई जिलों में नए गोदामों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे. इन टेंडरों को फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को अपने निर्धारित नियमों के अनुसार पास करना था.
विधानसभा क्षेत्र पट्टी से विधायक और उस समय पंजाब सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर पट्टी और भिखीविंड के इलाकों में गोदामों के निर्माण के लिए टेंडर भरा था. उपिंदर कौर का आरोप है कि मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और मंत्री का पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा उनके पति गगनदीप सिंह रंधावा पर लगातार दबाव डाल रहे थे.
वे चाहते थे कि यह टेंडर उनके पिता के नाम पर हर हाल में मंजूर किया जाए. गगनदीप सिंह रंधावा ने अपनी पत्नी से कई बार इस दबाव का जिक्र किया था. मंत्री ने उन्हें धमकी देते हुए कहा था कि अगर यह टेंडर उनके पिता के नाम पर मंजूर नहीं हुआ तो उन्हें और उनके बच्चों को ‘बुरी तरह भुगतना पड़ेगा’.
धमकियों का बढ़ता दौर और झूठा वीडियो
लालजीत सिंह भुल्लर ने गगनदीप सिंह रंधावा को धमकाते हुए कई बार यह भी कहा था कि उन्हें यह भी पता है कि उनके बच्चे कहाँ पढ़ते हैं और उनकी पत्नी कहाँ नौकरी करती है. गगनदीप सिंह रंधावा घर आकर रोते हुए बताते थे कि वह नियमों से बाहर जाकर किसी की मदद नहीं कर सकते क्योंकि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन है. इसी कारण यह टेंडर कानूनी नियमों के अनुसार किसी दूसरे पक्ष को जारी हो गया.
लालजीत सिंह भुल्लर के पिता को टेंडर न मिलने के कारण वे बहुत गुस्से में आ गए और गगनदीप सिंह को बुरी तरह से अपमानित और परेशान करने लगे. उन्हें व्हाट्सएप कॉल करके धमकाया गया कि टेंडर रद्द करके उनके पिता के नाम पर जारी करो, नहीं तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा. भुल्लर ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सभी गैंगस्टर उसके पाले हुए हैं और उन्हें मरवाने के लिए उसका एक इशारा ही काफी है.
गगनदीप सिंह रंधावा बार-बार समझाते थे कि टेंडर रद्द करके किसी के नाम पर जारी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. उन्होंने पत्नी को बताया कि मंत्री धमकाते हुए कहता था कि यदि टेंडर उसके कहने पर रद्द नहीं किया तो या तो उन्हें और उनके परिवार को मार दिया जाएगा या वे खुद जहर खाकर मर जाएं. उन्हें यह भी धमकी दी गई कि उनकी बात न मानकर वह जिंदा नहीं रह सकते.
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13 मार्च को मंत्री ने गगनदीप सिंह को अपने पैतृक घर पट्टी बुलाया, जहाँ उनके पिता, पीए और 2-3 अज्ञात व्यक्ति मौजूद थे. वहाँ पहुँचते ही उनके पिता और पीए ने गगनदीप सिंह को थप्पड़ मारे और दूसरे लोगों के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी. मंत्री ने पिस्तौल निकालकर उनके सिर पर मारी और फिर पिस्तौल उनकी कनपटी पर रखकर कहा कि ‘अब देखो तुम्हारा क्या हाल करते हैं’. इसके बाद मंत्री ने अपने पीए को कहा कि मेरे कहे शब्द इसके मुंह से बुलवाकर वीडियो बनाओ, नहीं तो इसे गोली मारकर लाश गायब कर दो. इन सभी आरोपियों ने गगनदीप सिंह को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वीडियो बनवाई, जिसमें उनसे झूठा बयान दिलवाया गया. यह एक बेहद गंभीर आरोप है और पंजाब पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है.
डीएम गगनदीप की बेबसी: “हमारी फरियाद कोई नहीं सुनेगा”
लालजीत सिंह भुल्लर ने गगनदीप सिंह रंधावा से जबरन वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद धमकाते हुए कहा कि तू हमारे कहे अनुसार नहीं चला, अब देखेंगे तेरा क्या हश्र करते हैं. तुझे और तेरे परिवार को हम जीने लायक नहीं छोड़ेंगे या तो हम ही तुझे मार देंगे, या तू खुद ही जहर खाकर मर जा. ये सारी बातें गगनदीप सिंह ने उसी दिन शाम को घर आकर अपनी पत्नी को खुद बताईं और रोते हुए कहा कि मैं तो अब जीने लायक भी नहीं रहा.
उपिंदर कौर ने अपने पति को इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में करने को कहा, लेकिन गगनदीप सिंह ने कहा कि लालजीत सिंह भुल्लर मौजूदा पंजाब सरकार में परिवहन मंत्री है और ‘हमारी फरियाद कोई भी नहीं सुनेगा.’ उन्होंने यह बातें अपनी पत्नी के अलावा अपने परिवार के कुछ खास दूसरे लोगों को भी बताई थीं. आरोपियों ने गगनदीप सिंह से पिस्तौल की नोक पर मजबूरी में एक झूठा बयान रिकॉर्ड कराया कि टेंडर परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता को मिलना चाहिए था, जबकि ऐसा नहीं था.
यह मामला दर्शाता है कि सत्ता का दुरुपयोग किस हद तक जा सकता है और कैसे एक ईमानदार अधिकारी को सिस्टम के दबाव का शिकार होना पड़ता है. सीएम भगवंत मान के इस एक्शन से यह उम्मीद जगी है कि न्याय होगा और दोषियों को सजा मिलेगी.
पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: गगनदीप सिंह रंधावा कौन थे?
उत्तर: गगनदीप सिंह रंधावा पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में जिला मैनेजर थे और उनके पास अमृतसर तथा तरनतारन जिलों का चार्ज था.
प्रश्न: पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर क्या आरोप हैं?
उत्तर: उन पर गगनदीप सिंह रंधावा को टेंडर मंजूर करने के लिए धमकाने, मारपीट करने, जबरन झूठा बयान रिकॉर्ड कराने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. उनके पिता और पीए भी इसमें आरोपी हैं.
प्रश्न: इस मामले में कार्रवाई किसने की है?
उत्तर: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में बड़ा एक्शन लिया है. मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लिया गया और अब उनकी पत्नी की शिकायत पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.