भारतीय क्रिकेट जगत में इन दिनों एक बड़ी खबर ने हलचल मचा दी है। टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की कमेंट्री से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उनके इस अप्रत्याशित फैसले ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है, खासकर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत से ठीक पहले।
मुख्य बिंदु
- पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने BCCI कमेंट्री से संन्यास की घोषणा की।
- उन्होंने 23 साल के अनुभव के बावजूद टॉस और प्रेजेंटेशन जैसे अहम रोल न मिलने पर नाराजगी जताई।
- शिवरामकृष्णन ने इसे ‘कहानी की शुरुआत’ बताया, जिससे भविष्य में बड़े खुलासे की संभावना है।
- भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी इस फैसले पर हैरानी व्यक्त की।
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का बड़ा ऐलान और कारण
60 वर्षीय लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 20 मार्च 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘मैं अब बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से संन्यास ले रहा हूं।’ उनके इस निर्णय ने क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में उनके लंबे और प्रतिष्ठित करियर पर विराम लगा दिया है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे की वजह भी खुलकर बताई और बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतने सालों के अनुभव के बावजूद उन्हें कभी टॉस और प्रेजेंटेशन जैसे अहम रोल नहीं दिए गए। शिवरामकृष्णन ने कहा, ‘अगर मुझे 23 साल में टॉस और प्रेजेंटेशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया और नए लोग ये काम कर रहे हैं, तो वजह क्या हो सकती है।’ यह उनके लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की भावना को दर्शाता है।
यह रिटायरमेंट सिर्फ एक कहानी की शुरुआत है। जब सच सामने आएगा तो लोग चौंक जाएंगे। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने इशारा किया कि वह जल्द ही और बड़े खुलासे कर सकते हैं।
अश्विन का रिएक्शन और क्रिकेट जगत में हलचल
इस घोषणा पर भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गजों ने प्रतिक्रिया दी। भारत के मौजूदा स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी इस फैसले पर हैरानी जताई। उन्होंने X पर लिखा, ‘अरे नहीं। इस आईपीएल में क्यों नहीं?’ अश्विन की यह प्रतिक्रिया बताती है कि शिवरामकृष्णन का यह कदम कितना अप्रत्याशित था और इससे आईपीएल 2026 के कमेंट्री पैनल पर क्या असर पड़ सकता है।
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क्या है BCCI की कार्यप्रणाली पर सवाल?
शिवरामकृष्णन के बयान से साफ है कि वह लंबे समय से खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे थे। हालिया वर्षों में टॉस और पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन जैसे हाई-प्रोफाइल रोल अक्सर रवि शास्त्री और हर्षा भोगले जैसे कमेंटेटर्स को दिए जाते रहे हैं। वहीं लक्ष्मण शिवरामकृष्णन कमेंट्री से संन्यास की वजह बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि उन्हें इन जिम्मेदारियों से दूर रखा गया, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ती गई। उनके अनुसार, यह अनुभवी कमेंटेटरों की अनदेखी और नए लोगों को अनावश्यक वरीयता देने का मामला है।
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन: एक संक्षिप्त करियर
60 वर्षीय लक्ष्मण शिवरामकृष्णन साल 1985 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ क्रिकेट टूर्नामेंट जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेले। शिवरामकृष्णन ने इस दौरान टेस्ट मैचों में 44.03 की औसत से 26 विकेट चटकाए। वहीं वनडे इंटरनेशनल में उनके नाम पर 35.86 के एवरेज से 15 विकेट दर्ज हैं।
शिवरामकृष्णन का इंटरनेशनल करियर भले ही छोटा रहा हो, लेकिन वह घरेलू क्रिकेट और फिर कमेंट्री के जरिए लंबे समय तक खेल से जुड़े रहे हैं। उनकी कमेंट्री एक दौर में काफी पसंद की जाती थी, लेकिन अब उनका यह फैसला भारतीय क्रिकेट में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है।
FAQs: लक्ष्मण शिवरामकृष्णन के संन्यास पर
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री से संन्यास क्यों लिया?
उन्होंने बीसीसीआई कमेंट्री से संन्यास इसलिए लिया क्योंकि उन्हें 23 साल के अनुभव के बावजूद टॉस और प्रेजेंटेशन जैसे महत्वपूर्ण रोल नहीं दिए गए, जबकि नए कमेंटेटरों को ये अवसर मिलते रहे।
उन्होंने अपने फैसले के पीछे मुख्य कारण क्या बताया?
मुख्य कारण यह था कि उन्हें इतने वर्षों तक बीसीसीआई की कमेंट्री टीम में होने के बावजूद, कभी भी टॉस और पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन जैसे ‘अहम’ भूमिकाओं के लिए नहीं चुना गया।
किस टूर्नामेंट से ठीक पहले उन्होंने यह निर्णय लिया?
उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन से ठीक पहले यह बड़ा निर्णय लिया।
रविचंद्रन अश्विन ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रविचंद्रन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी हैरानी व्यक्त करते हुए लिखा, ‘अरे नहीं। इस आईपीएल में क्यों नहीं?’
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का क्रिकेट करियर कैसा रहा?
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन 1985 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ क्रिकेट टूर्नामेंट जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेले, जिनमें क्रमशः 26 और 15 विकेट लिए।
क्या उन्होंने बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए?
जी हाँ, उन्होंने बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने अनुभव के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया और नए लोगों को अहम भूमिकाएं दी गईं, जो उनकी नाराजगी का मुख्य कारण था।